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पाचन तंत्र क्या है? शरीर के लिए इसके क्या महत्व है? (What is meant by the digestive system? Why is the digestive system necessary for the usefulness of the body? Describe)
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3 stepsयह प्रश्न संख्या 8 है: "आमाशय को चित्र बनाकर वर्णन कीजिए। आमाशयिक रस में कौन-कौन से एंजाइम होते हैं? प्रत्येक की भोजन पर प्रतिक्रियाएँ लिखिए।"
आमाशय की संरचना का वर्णन
आमाशय पाचन तंत्र का एक J-आकार का, पेशीय अंग है जो ग्रासनली और छोटी आंत के बीच स्थित होता है। यह भोजन को अस्थायी रूप से संग्रहित करता है, उसे आमाशयिक रस के साथ मिलाता है, और आंशिक रूप से पचाता है। इसकी दीवारें चार मुख्य परतों से बनी होती हैं: सीरोसा, मस्कुलरिस एक्सटर्ना (जिसमें तीन परतें होती हैं: अनुदैर्ध्य, वृत्ताकार और तिर्यक मांसपेशियां), सबम्यूकोसा और म्यूकोसा। म्यूकोसा में गैस्ट्रिक ग्रंथियां होती हैं जो आमाशयिक रस का स्राव करती हैं। आमाशय के मुख्य भाग हैं: कार्डिया (ग्रासनली से जुड़ने वाला भाग), फंडस (ऊपरी गुंबद जैसा भाग), बॉडी (मुख्य केंद्रीय भाग) और पाइलोरस (छोटी आंत से जुड़ने वाला निचला भाग)।
आमाशयिक रस में मौजूद एंजाइम
आमाशयिक रस में मुख्य रूप से दो एंजाइम होते हैं:
- पेप्सिनोजेन (जो सक्रिय होकर पेप्सिन बनता है)
- गैस्ट्रिक लाइपेज
भोजन पर एंजाइमों की प्रतिक्रियाएँ
- पेप्सिन की प्रतिक्रिया: आमाशय में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) पेप्सिनोजेन को सक्रिय एंजाइम पेप्सिन में बदलता है। पेप्सिन प्रोटीन को छोटे पेप्टाइड (पेप्टोन और प्रोटीओस) में तोड़ता है।
- गैस्ट्रिक लाइपेज की प्रतिक्रिया: गैस्ट्रिक लाइपेज वसा के पाचन की शुरुआत करता है, विशेष रूप से छोटी श्रृंखला वाले वसा अम्लों का। यह कुछ वसा को वसीय अम्ल और ग्लिसरॉल में तोड़ता है।
इन प्रतिक्रियाओं के परिणामस्वरूप, भोजन एक अर्ध-तरल पदार्थ में बदल जाता है जिसे काइम (Chyme) कहते हैं।
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