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Discuss the archaeological remains of ancient Assam. OR Analyse the development of rock-cut cave architecture of ancient Assam with special mention of Surya Pahar and Jogighopa. OR Write a note on the historical monuments of the Ahom period.

History

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प्राचीन असम में शैल-उत्कीर्ण गुहा-स्थापत्य का विकास, विशेष रूप से सूर्यपहाड़ और जोगीघोपा के संदर्भ में:

प्राचीन असम में शैल-उत्कीर्ण (rock-cut) वास्तुकला का विकास इस क्षेत्र की समृद्ध कलात्मक और धार्मिक परंपराओं को दर्शाता है। ये संरचनाएँ मुख्य रूप से धार्मिक उद्देश्यों के लिए बनाई गई थीं और विभिन्न धर्मों के प्रभाव को दर्शाती हैं।

  • सूर्यपहाड़ (गोलपारा जिला): यह असम के सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों में से एक है, जो शैल-उत्कीर्ण वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। यहाँ एक ही स्थान पर हिंदू, बौद्ध और जैन धर्मों से संबंधित अवशेष पाए गए हैं, जो धार्मिक सहिष्णुता का प्रतीक है।

    • हिंदू अवशेष: यहाँ चट्टानों पर उत्कीर्ण सैकड़ों शिवलिंग और देवी-देवताओं की मूर्तियाँ हैं, जिनमें गणेश, विष्णु और दुर्गा प्रमुख हैं। ये मूर्तियाँ विभिन्न शैलियों और अवधियों को दर्शाती हैं, जो गुप्त काल से लेकर मध्यकाल तक फैली हुई हैं।
    • बौद्ध अवशेष: यहाँ कई स्तूप और बुद्ध की मूर्तियाँ चट्टानों पर उत्कीर्ण हैं, जो इस क्षेत्र में बौद्ध धर्म के प्रसार का प्रमाण देती हैं।
    • जैन अवशेष: सूर्यपहाड़ में जैन तीर्थंकरों की मूर्तियाँ भी मिली हैं, जो असम में जैन धर्म की उपस्थिति को दर्शाती हैं। सूर्यपहाड़ की शैल-उत्कीर्ण कलाकृति इसकी बहु-धार्मिक प्रकृति और कलात्मक कौशल के लिए उल्लेखनीय है।
  • जोगीघोपा (बोंगाईगाँव जिला): ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे स्थित जोगीघोपा में शैल-उत्कीर्ण गुफाएँ हैं, जिन्हें असम में सबसे पुरानी गुफा वास्तुकला में से एक माना जाता है।

    • ये गुफाएँ मुख्य रूप से एकल कक्ष वाली हैं, जिनमें से कुछ में पत्थर के बिस्तर और पूजा स्थल भी हैं।
    • इन गुफाओं को संभवतः बौद्ध भिक्षुओं या तपस्वियों के निवास स्थान के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।
    • इनकी सादगी और कार्यात्मकता प्रारंभिक शैल-उत्कीर्ण वास्तुकला की विशेषताओं को दर्शाती है, जो बाद की अधिक विस्तृत संरचनाओं के लिए आधार बनी।

सूर्यपहाड़ और जोगीघोपा दोनों ही प्राचीन असम की शैल-उत्कीर्ण वास्तुकला के महत्वपूर्ण उदाहरण हैं, जो इस क्षेत्र की धार्मिक विविधता और कलात्मक विरासत को उजागर करते हैं।

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