This law problem is solved step by step below, with detailed explanations to help you understand the method and arrive at the correct answer.

ScanSolve AI Answer
यह पाठ बेनामी लेनदेन (निषेध) अधिनियम के प्रावधानों और माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उनकी व्याख्या से संबंधित है।
Step 1: बेनामी लेनदेन पर सामान्य प्रतिबंध धारा 3 की उप-धारा (1) किसी भी व्यक्ति को बेनामी लेनदेन में प्रवेश करने से रोकती है। उप-धारा (3) ऐसे लेनदेन में प्रवेश करने वाले व्यक्ति को दंड के लिए उत्तरदायी बनाती है।
Step 2: बेनामी संपत्ति का अधिग्रहण धारा 5 उन संपत्तियों को अधिग्रहण के लिए उत्तरदायी बनाती है जो बिना किसी भुगतान के बेनामी के रूप में रखी गई हैं।
Step 3: पत्नी या अविवाहित बेटी के नाम पर संपत्ति खरीदने की छूट धारा 3 की उप-धारा (2) एक व्यक्ति को अपनी पत्नी या अविवाहित बेटी के नाम पर संपत्ति खरीदने के लिए बेनामी लेनदेन में प्रवेश करने की अनुमति देती है।
Step 4: छूट का प्रभाव यदि कोई लेनदेन धारा 3(2) के तहत आता है, तो धारा 3(1) में निहित प्रतिबंध उस पर लागू नहीं होता है। ऐसे मामलों में, व्यक्ति को धारा 3(3) के तहत दंडित करने या धारा 5 के तहत संपत्ति का अधिग्रहण करने का प्रश्न उत्पन्न नहीं हो सकता है, क्योंकि अन्यथा धारा 3(2) के तहत दी गई छूट निरर्थक हो जाएगी।
यह व्याख्या नंद किशोर मेहरा बनाम सुशीला मेहरा, (1995) 4 SCC 572 मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर आधारित है।
अगला प्रश्न भेजें 📸
Get instant step-by-step solutions to any question. Free to start.
Ask Your Question
Handwritten Step-by-Step Solution
Get this as a handwritten image on WhatsApp — like a tutor wrote it for you.
Try on WhatsAppStill have questions?
यह पाठ बेनामी लेनदेन (निषेध) अधिनियम के प्रावधानों और माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उनकी व्याख्या से संबंधित है। Step 1: बेनामी लेनदेन पर सामान्य प्रतिबंध धारा 3 की उप-धारा (1) किसी भी व्यक्ति को बेनामी लेनदेन में प्रवेश करने से रोकती है। उप-धारा (3…
This law problem is solved step by step below, with detailed explanations to help you understand the method and arrive at the correct answer.