This accounting problem is solved step by step below, with detailed explanations to help you understand the method and arrive at the correct answer.
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Step 1: नकद विधि (Cash Basis of Accounting) नकद विधि में, आय को तब दर्ज किया जाता है जब नकद प्राप्त होता है, और व्यय को तब दर्ज किया जाता है जब नकद भुगतान किया जाता है। यह विधि सरल है लेकिन वित्तीय स्थिति का सटीक चित्र नहीं देती है।
Step 2: उपार्जन विधि (Accrual Basis of Accounting) उपार्जन विधि में, आय को तब दर्ज किया जाता है जब वह अर्जित की जाती है (भले ही नकद प्राप्त न हुआ हो), और व्यय को तब दर्ज किया जाता है जब वे किए जाते हैं (भले ही नकद भुगतान न किया गया हो)। यह विधि वित्तीय स्थिति का अधिक सटीक चित्र प्रदान करती है और आमतौर पर कंपनियों द्वारा उपयोग की जाती है।
Step 3: मुख्य अंतर मुख्य अंतर आय और व्यय को पहचानने का समय है। नकद विधि में, यह नकद के प्रवाह पर आधारित है, जबकि उपार्जन विधि में, यह लेन-देन के होने पर आधारित है।
Step 4: उदाहरण मान लीजिए एक कंपनी को दिसंबर में सेवाएँ प्रदान करने के लिए ₹10,000 का भुगतान जनवरी में प्राप्त होता है।
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नकद विधि (Cash Basis of Accounting) नकद विधि में, आय को तब दर्ज किया जाता है जब नकद प्राप्त होता है, और व्यय को तब दर्ज किया जाता है जब नकद भुगतान किया जाता है। यह विधि सरल है लेकिन वित्तीय स्थिति का सटीक चित्र नहीं देती है। Step 2: उपार्जन विधि (Accr…
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