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Which element has the greatest tendency to lose electrons?

Chemistry

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यहाँ प्रश्नों के हल दिए गए हैं:

31. किस तत्व में इलेक्ट्रॉन खोने की सबसे अधिक प्रवृत्ति होती है?

  • Step 1: इलेक्ट्रॉन खोने की प्रवृत्ति आयनीकरण ऊर्जा (ionization energy) से संबंधित है। कम आयनीकरण ऊर्जा का अर्थ है इलेक्ट्रॉन खोने की अधिक प्रवृत्ति।
  • Step 2: दिए गए विकल्प F, Cl, Br, I है, जो सभी हैलोजन हैं। एक समूह में नीचे जाने पर आयनीकरण ऊर्जा घटती है। इसलिए, आयोडीन (I) की आयनीकरण ऊर्जा सबसे कम होगी और इलेक्ट्रॉन खोने की प्रवृत्ति सबसे अधिक होगी।

The final answer is (d) I\boxed{\text{(d) I}}.


32. नाइट्रोजन का आयनीकरण विभव ऑक्सीजन से अधिक होता है क्योंकि...

  • Step 1: नाइट्रोजन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 1s22s22p31s^2 2s^2 2p^3 है, जिसमें आधा भरा हुआ 2p2p उपकोश होता है। ऑक्सीजन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 1s22s22p41s^2 2s^2 2p^4 है।
  • Step 2: आधे भरे हुए या पूरी तरह से भरे हुए उपकोश अतिरिक्त स्थिरता प्रदान करते हैं। नाइट्रोजन में आधा भरा हुआ 2p2p उपकोश होता है, जो इसे ऑक्सीजन की तुलना में अधिक स्थिर बनाता है। इस अतिरिक्त स्थिरता के कारण, नाइट्रोजन से इलेक्ट्रॉन निकालना अधिक कठिन होता है।

The final answer is (b) The extra stability of the half-filled p-orbitals\boxed{\text{(b) The extra stability of the half-filled } p\text{-orbitals}}.


33. एक परमाणु की आयनीकरण ऊर्जा वह ऊर्जा है जो...

  • Step 1: आयनीकरण ऊर्जा की परिभाषा के अनुसार, यह वह न्यूनतम ऊर्जा है जो एक गैसीय परमाणु के सबसे बाहरी, शिथिल रूप से बंधे हुए इलेक्ट्रॉन को हटाने के लिए आवश्यक होती है।
  • Step 2: विकल्प (d) "बस इतनी कि एक इलेक्ट्रॉन परमाणु से बाहर निकल जाए" इस परिभाषा से मेल खाता है।

The final answer is (d) Just enough to cause an electron to escape from the atom\boxed{\text{(d) Just enough to cause an electron to escape from the atom}}.


34. हाइड्रोजन परमाणु के आयनीकरण से क्या उत्पन्न होगा?

  • Step 1: हाइड्रोजन परमाणु (H) में एक इलेक्ट्रॉन होता है। इसका आयनीकरण करने का अर्थ है इस एक इलेक्ट्रॉन को हटाना।
  • Step 2: जब हाइड्रोजन परमाणु से इलेक्ट्रॉन हटा दिया जाता है, तो वह H+^+ आयन बन जाता है, जिसमें कोई इलेक्ट्रॉन नहीं होता है। H+^+ को प्रोटॉन भी कहा जाता है।

The final answer is (a) Proton\boxed{\text{(a) Proton}}.


35. निम्नलिखित तत्वों (जिनके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास नीचे दिए गए हैं) में से किसकी आयनीकरण ऊर्जा सबसे अधिक है?

  • Step 1: आयनीकरण ऊर्जा एक अवधि में बाएं से दाएं बढ़ती है और एक समूह में ऊपर से नीचे घटती है। उत्कृष्ट गैसों (noble gases) में सबसे अधिक आयनीकरण ऊर्जा होती है क्योंकि उनके पास स्थिर, पूर्ण इलेक्ट्रॉन कोश होते हैं।
  • Step 2: दिए गए विन्यास हैं:
    • (a) 1s22s22p61s^2 2s^2 2p^6 (नियॉन, Ne - एक उत्कृष्ट गैस)
    • (b) 1s22s22p63s11s^2 2s^2 2p^6 3s^1 (सोडियम, Na - एक क्षार धातु)
    • (c) 1s22s22p63s23p11s^2 2s^2 2p^6 3s^2 3p^1 (एल्यूमीनियम, Al)
    • (d) 1s22s22p63s23p31s^2 2s^2 2p^6 3s^2 3p^3 (फॉस्फोरस, P)
  • Step 3: नियॉन (Ne) एक उत्कृष्ट गैस है जिसका बाहरी कोश पूरी तरह से भरा हुआ है, इसलिए इसकी आयनीकरण ऊर्जा सबसे अधिक होगी।

The final answer is (a) 1s22s22p6\boxed{\text{(a) } 1s^2 2s^2 2p^6}.


36. निम्नलिखित में से कौन सा इलेक्ट्रॉनिक विन्यास सबसे कम आयनीकरण ऊर्जा प्रदर्शित करेगा?

  • Step 1: सबसे कम आयनीकरण ऊर्जा उन तत्वों की होती है जो आसानी से इलेक्ट्रॉन खो देते हैं, आमतौर पर क्षार धातुएं या वे तत्व जो आवर्त सारणी में सबसे बाईं ओर और सबसे नीचे होते हैं।
  • Step 2: दिए गए विकल्प हैं:
    • (a) [Ne]3s23p1[Ne]3s^2 3p^1 (एल्यूमीनियम, Al)
    • (b) [Ne]3s23p3[Ne]3s^2 3p^3 (फॉस्फोरस, P)
    • (c) [Ne]3s23p2[Ne]3s^2 3p^2 (सिलिकॉन, Si)
    • (d) [Ar]3d104s24p2[Ar]3d^{10} 4s^2 4p^2 (जर्मेनियम, Ge)
  • Step 3: एक अवधि में, आयनीकरण ऊर्जा बाएं से दाएं बढ़ती है। एक समूह में, आयनीकरण ऊर्जा ऊपर से नीचे घटती है।
    • Al (समूह 13, आवर्त 3) की IE, Si (समूह 14, आवर्त 3) और P (समूह 15, आवर्त 3) से कम होगी।
    • Ge (समूह 14, आवर्त 4) की IE, Si (समूह 14, आवर्त 3) से कम होगी।
  • Step 4: Al (577.5 kJ/mol) और Ge (762 kJ/mol) की तुलना करने पर, एल्यूमीनियम (Al) की आयनीकरण ऊर्जा सबसे कम है।

The final answer is (a) [Ne]3s23p1\boxed{\text{(a) } [Ne]3s^2 3p^1}.


37. यदि Na का आयनीकरण विभव (I.P) 5.48 eV है, तो K का I.P. क्या हो सकता है?

  • Step 1: सोडियम (Na) और पोटेशियम (K) दोनों क्षार धातुएं (समूह 1) हैं। पोटेशियम आवर्त सारणी में सोडियम के नीचे स्थित है।
  • Step 2: एक समूह में नीचे जाने पर आयनीकरण विभव घटता है। इसलिए, पोटेशियम (K) का आयनीकरण विभव सोडियम (Na) के 5.48 eV से कम होना चाहिए।
  • Step 3: दिए गए विकल्पों में से, केवल 4.34 eV ही 5.48 eV से कम है।

The final answer is (a) 4.34 eV\boxed{\text{(a) } 4.34 \text{ eV}}.


38. किसी तत्व की दूसरी और तीसरी आयनीकरण ऊर्जा के मानों के बीच अचानक उछाल किस विन्यास से जुड़ा है?

  • Step 1: आयनीकरण ऊर्जा में अचानक उछाल तब होता है जब एक इलेक्ट्रॉन एक अधिक स्थिर, आंतरिक कोश या पूरी तरह से भरे हुए उपकोश/कोश से हटाया जाता है।
  • Step 2: दूसरी और तीसरी आयनीकरण ऊर्जा के बीच अचानक उछाल का मतलब है कि 2 इलेक्ट्रॉन हटाने के बाद, शेष विन्यास बहुत स्थिर (उत्कृष्ट गैस विन्यास की तरह) हो जाता है, जिससे तीसरा इलेक्ट्रॉन निकालना बहुत मुश्किल हो जाता है।
  • Step 3: विकल्प (d) 1s22s22p63s21s^2 2s^2 2p^6 3s^2 (मैग्नीशियम, Mg) पर विचार करें:
    • पहला इलेक्ट्रॉन 3s23s^2 से हटता है: Mg+^+ (1s22s22p63s11s^2 2s^2 2p^6 3s^1)
    • दूसरा इलेक्ट्रॉन 3s13s^1 से हटता है: Mg2+^{2+} (1s22s22p61s^2 2s^2 2p^6) - यह एक उत्कृष्ट गैस विन्यास है।
    • तीसरा इलेक्ट्रॉन 2p62p^6 से हटता है: Mg3+^{3+} (1s22s22p51s^2 2s^2 2p^5) - इसके लिए बहुत अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होगी।
  • Step 4: इसलिए, 1s22s22p63s21s^2 2s^2 2p^6 3s^2 विन्यास वाले तत्व के लिए दूसरी और तीसरी आयनीकरण ऊर्जा के बीच अचानक उछाल होगा।

The final answer is (d) 1s22s22p63s2\boxed{\text{(d) } 1s^2 2s^2 2p^6 3s^2}.


39. किस तत्व में इलेक्ट्रॉन खोने की सबसे अधिक प्रवृत्ति होती है?

  • Step 1: इलेक्ट्रॉन खोने की सबसे अधिक प्रवृत्ति का अर्थ है सबसे कम आयनीकरण ऊर्जा।
  • Step 2: दिए गए विकल्प हैं: (a) F (फ्लोरीन), (b) S (सल्फर), (c) Fe (आयरन), (d) Be (बेरिलियम)।
  • Step 3: धातुएं आमतौर पर अधातुओं की तुलना में इलेक्ट्रॉन खोने की अधिक प्रवृत्ति रखती हैं।
  • Step 4: Fe (आयरन) एक संक्रमण धातु है और इसकी पहली आयनीकरण ऊर्जा Be (बेरिलियम) की तुलना में कम होती है (Fe: 762.5 kJ/mol, Be: 899.5 kJ/mol)। इसलिए, आयरन में इलेक्ट्रॉन खोने की सबसे अधिक प्रवृत्ति होती है।

The final answer is (c) Fe\boxed{\text{(c) Fe}}.


40. ऑक्सीजन का दूसरा आयनीकरण विभव है...

  • Step 1: ऑक्सीजन (O) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 1s22s22p41s^2 2s^2 2p^4 है।
  • Step 2: पहला आयनीकरण: O →\rightarrow O+^+ (1s22s22p31s^2 2s^2 2p^3) + e−^-।
  • Step 3: दूसरा आयनीकरण: O+^+ (1s22s22p31s^2 2s^2 2p^3) →\rightarrow O2+^{2+} + e−^-। इस प्रक्रिया में, इलेक्ट्रॉन को एक स्थिर, आधा भरे हुए 2p32p^3 उपकोश से हटाया जा रहा है।
  • Step 4: फ्लोरीन (F) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 1s22s22p51s^2 2s^2 2p^5 है। फ्लोरीन का पहला आयनीकरण (F →\rightarrow F+^+ (1s22s22p41s^2 2s^2 2p^4) + e−^-) में इलेक्ट्रॉन को 2p52p^5 उपकोश से हटाया जाता है।
  • Step 5: आधा भरा हुआ 2p32p^3 उपकोश (O+^+ में) 2p52p^5 उपकोश (F में) की तुलना में अधिक स्थिर होता है। इसलिए, O+^+ से इलेक्ट्रॉन निकालने के लिए F से इलेक्ट्रॉन निकालने की तुलना में अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होगी।
  • Step 6: ऑक्सीजन का दूसरा आयनीकरण विभव (3388.3 kJ/mol) फ्लोरीन के पहले आयनीकरण विभव (1681 kJ/mol) से अधिक होता है।

The final answer is (c) Greater than that of fluorine\boxed{\text{(c) Greater than that of fluorine}}.

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