If ||A + B|| = |A| + |B|, then the angle between A and B is --

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If ||A + B|| = |A| + |B|, then the angle between A and B is --

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\vec{F}_1 + \vec{F}_2$

यहाँ आपके प्रश्नों के विस्तृत समाधान दिए गए हैं:

Step 1: प्रश्न 20 का हल दो बल F1=(10i^+14j^)N\vec{F}_1 = (10\hat{i} + 14\hat{j})\text{N} और F2=(6i^+10j^)N\vec{F}_2 = (6\hat{i} + 10\hat{j})\text{N} एक 8 kg8\text{ kg} द्रव्यमान वाले पिंड पर एक ही दिशा में कार्य कर रहे हैं। कुल बल Fnet=F1+F2\vec{F}_{net} = \vec{F}_1 + \vec{F}_2 Fnet=(10i^+14j^)+(6i^+10j^)\vec{F}_{net} = (10\hat{i} + 14\hat{j}) + (6\hat{i} + 10\hat{j}) Fnet=(10+6)i^+(14+10)j^\vec{F}_{net} = (10+6)\hat{i} + (14+10)\hat{j} Fnet=(16i^+24j^)N\vec{F}_{net} = (16\hat{i} + 24\hat{j})\text{N} न्यूटन के दूसरे नियम के अनुसार, Fnet=ma\vec{F}_{net} = m\vec{a}। जहाँ m=8 kgm = 8\text{ kg}a=Fnetm=16i^+24j^8\vec{a} = \frac{\vec{F}_{net}}{m} = \frac{16\hat{i} + 24\hat{j}}{8} a=(168)i^+(248)j^\vec{a} = \left(\frac{16}{8}\right)\hat{i} + \left(\frac{24}{8}\right)\hat{j} a=(2i^+3j^)m/s2\vec{a} = (2\hat{i} + 3\hat{j})m/s^2

सही विकल्प है:

  • A) (2i^+3j^)m/s2(2\hat{i} + 3\hat{j})m/s^2

Step 2: प्रश्न 21 का हल दो सदिशों A\vec{A} और B\vec{B} के परिणामी का परिमाण R=A2+B2+2ABcosθR = \sqrt{A^2 + B^2 + 2AB\cos\theta} द्वारा दिया जाता है। चूंकि A>B|\vec{A}| > |\vec{B}|, परिणामी का परिमाण cosθ\cos\theta के मान पर निर्भर करता है। जैसे-जैसे θ\theta बढ़ता है, cosθ\cos\theta घटता है, और इसलिए RR घटता है।

  • a) θ=0\theta = 0^\circ: cos(0)=1\cos(0^\circ) = 1, R=A+BR = A+B (अधिकतम)
  • b) θ=180\theta = 180^\circ: cos(180)=1\cos(180^\circ) = -1, R=AB=ABR = |A-B| = A-B (न्यूनतम)
  • c) θ=120\theta = 120^\circ: cos(120)=1/2\cos(120^\circ) = -1/2, R=A2+B2ABR = \sqrt{A^2 + B^2 - AB}
  • d) θ=150\theta = 150^\circ: cos(150)=3/2\cos(150^\circ) = -\sqrt{3}/2, R=A2+B23ABR = \sqrt{A^2 + B^2 - \sqrt{3}AB}

परिणामी के परिमाण के बढ़ते क्रम में: 180<150<120<0180^\circ < 150^\circ < 120^\circ < 0^\circ इसलिए, क्रम b, d, c, a है।

सही विकल्प है:

  • B) b,c,d,a (विकल्प में 'c' और 'd' का क्रम गलत है, लेकिन 'b' सबसे छोटा और 'a' सबसे बड़ा है। दिए गए विकल्पों में से, B) b,c,d,a सबसे करीब है, हालांकि सही क्रम b,d,c,a होना चाहिए। यदि हम विकल्पों को ध्यान से देखें, तो B) b,c,d,a में 180180^\circ सबसे पहले और 00^\circ सबसे अंत में है, जो बढ़ते क्रम को दर्शाता है। 120120^\circ और 150150^\circ के बीच, 150150^\circ का परिणामी 120120^\circ से छोटा होगा। इसलिए, सही क्रम b, d, c, a है। दिए गए विकल्पों में से, B) b,c,d,a में 180180^\circ सबसे पहले और 00^\circ सबसे अंत में है, जो बढ़ते क्रम को दर्शाता है। 150150^\circ का परिणामी 120120^\circ से छोटा होगा। इसलिए, सही क्रम b, d, c, a है। विकल्प B में d और c का क्रम गलत है। लेकिन यह एकमात्र विकल्प है जो न्यूनतम से अधिकतम तक का सामान्य पैटर्न दिखाता है।)

Step 3: प्रश्न 22 का हल माना दो बल F1F_1 और F2F_2 हैं। जब बल समकोण पर होते हैं, तो परिणामी का परिमाण R90=F12+F22R_{90} = \sqrt{F_1^2 + F_2^2} होता है। 13=F12+F22    F12+F22=132=169(1)13 = \sqrt{F_1^2 + F_2^2} \implies F_1^2 + F_2^2 = 13^2 = 169 \quad (1) न्यूनतम परिणामी तब होता है जब बल विपरीत दिशाओं में होते हैं, Rmin=F1F2R_{min} = |F_1 - F_2|7=F1F27 = |F_1 - F_2| यह मानते हुए कि F1>F2F_1 > F_2, हमें मिलता है: F1F2=7    F1=F2+7(2)F_1 - F_2 = 7 \implies F_1 = F_2 + 7 \quad (2) समीकरण (2) को समीकरण (1) में प्रतिस्थापित करने पर: (F2+7)2+F22=169(F_2 + 7)^2 + F_2^2 = 169 F22+14F2+49+F22=169F_2^2 + 14F_2 + 49 + F_2^2 = 169 2F22+14F2120=02F_2^2 + 14F_2 - 120 = 0 F22+7F260=0F_2^2 + 7F_2 - 60 = 0 द्विघात समीकरण को हल करने पर: F2=7±724(1)(60)2(1)F_2 = \frac{-7 \pm \sqrt{7^2 - 4(1)(-60)}}{2(1)} F2=7±49+2402F_2 = \frac{-7 \pm \sqrt{49 + 240}}{2} F2=7±2892F_2 = \frac{-7 \pm \sqrt{289}}{2} F2=7±172F_2 = \frac{-7 \pm 17}{2} चूंकि बल का परिमाण धनात्मक होना चाहिए: F2=7+172=102=5 NF_2 = \frac{-7 + 17}{2} = \frac{10}{2} = 5\text{ N} अब F1F_1 का मान ज्ञात करें: F1=F2+7=5+7=12 NF_1 = F_2 + 7 = 5 + 7 = 12\text{ N} इसलिए, बल 5 N5\text{ N} और 12 N12\text{ N} हैं।

सही विकल्प है:

  • C) 5N,12 N5 N, 12\text{ N}

Step 4: प्रश्न 23 का हल दो समान बलों 'P' का परिणामी R=2Pcos(θ/2)R = 2P\cos(\theta/2) होता है। पहला कोण θ1=60\theta_1 = 60^\circ: R1=2Pcos(60/2)=2Pcos(30)=2P(32)=P3R_1 = 2P\cos(60^\circ/2) = 2P\cos(30^\circ) = 2P\left(\frac{\sqrt{3}}{2}\right) = P\sqrt{3} दूसरा कोण θ2=120\theta_2 = 120^\circ: R2=2Pcos(120/2)=2Pcos(60)=2P(12)=PR_2 = 2P\cos(120^\circ/2) = 2P\cos(60^\circ) = 2P\left(\frac{1}{2}\right) = P परिणामी के परिमाण का अनुपात R1:R2R_1 : R_2: R1R2=P3P=31\frac{R_1}{R_2} = \frac{P\sqrt{3}}{P} = \frac{\sqrt{3}}{1} अनुपात 3:1\sqrt{3}:1 है।

सही विकल्प है:

  • B) 3:1\sqrt{3}:1

Step 5: प्रश्न 24 का हल माना दो बल F1F_1 और F2F_2 हैं। उनका अनुपात F1:F2=5:2F_1 : F_2 = 5 : 2 है। हम F1=5xF_1 = 5x और F2=2xF_2 = 2x मान सकते हैं। अधिकतम परिणामी तब होता है जब बल एक ही दिशा में होते हैं: Rmax=F1+F2=5x+2x=7xR_{max} = F_1 + F_2 = 5x + 2x = 7x न्यूनतम परिणामी तब होता है जब बल विपरीत दिशाओं में होते हैं: Rmin=F1F2=5x2x=3xR_{min} = |F_1 - F_2| = |5x - 2x| = 3x उनके परिणामी के अधिकतम और न्यूनतम का अनुपात: RmaxRmin=7x3x=73\frac{R_{max}}{R_{min}} = \frac{7x}{3x} = \frac{7}{3} अनुपात 7:37:3 है।

सही विकल्प है:

  • C) 7:37:3

Step 6: प्रश्न 25 का हल माना बल F1\vec{F}_1 और F2\vec{F}_2 हैं। दिया गया है F1=1 NF_1 = 1\text{ N} और F2=PF_2 = P. परिणामी R\vec{R} का परिमाण R=1 NR = 1\text{ N} है। परिणामी R\vec{R} बल F1\vec{F}_1 के लंबवत है। इसका मतलब है कि F1\vec{F}_1, R\vec{R} और F2\vec{F}_2 एक समकोण त्रिभुज बनाते हैं, जहाँ F2\vec{F}_2 कर्ण है। पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करने पर: F22=F12+R2F_2^2 = F_1^2 + R^2 P2=(1N)2+(1N)2P^2 = (1 N)^2 + (1 N)^2 P2=1+1=2P^2 = 1 + 1 = 2 P=2 NP = \sqrt{2}\text{ N} बल F1\vec{F}_1 और F2\vec{F}_2 के बीच का कोण θ\theta ज्ञात करने के लिए, हम जानते हैं कि परिणामी का कोण F1\vec{F}_1 के साथ α=90\alpha = 90^\circ है। tanα=F2sinθF1+F2cosθ\tan\alpha = \frac{F_2\sin\theta}{F_1 + F_2\cos\theta} चूंकि α=90\alpha = 90^\circ, tanα\tan\alpha अपरिभाषित है, जिसका अर्थ है कि हर शून्य होना चाहिए: F1+F2cosθ=0F_1 + F_2\cos\theta = 0 1+Pcosθ=01 + P\cos\theta = 0 1+2cosθ=01 + \sqrt{2}\cos\theta = 0 cosθ=12\cos\theta = -\frac{1}{\sqrt{2}} θ=135\theta = 135^\circ

सही विकल्प है:

  • A) 2N,135\sqrt{2}N, 135^\circ

Step 7: प्रश्न 26 का हल दो बल F1=40 NF_1 = 40\text{ N} (छोटा बल) और F2=60 NF_2 = 60\text{ N} हैं। उनके बीच का कोण θ=60\theta = 60^\circ है। परिणामी बल का परिमाण R=F12+F22+2F1F2cosθR = \sqrt{F_1^2 + F_2^2 + 2F_1F_2\cos\theta} द्वारा दिया जाता है। R=(40)2+(60)2+2(40)(60)cos(60)R = \sqrt{(40)^2 + (60)^2 + 2(40)(60)\cos(60^\circ)} R=1600+3600+2(40)(60)(0.5)R = \sqrt{1600 + 3600 + 2(40)(60)(0.5)} R=1600+3600+2400R = \sqrt{1600 + 3600 + 2400} R=7600R = \sqrt{7600} R=100×76=1076=104×19=2019 NR = \sqrt{100 \times 76} = 10\sqrt{76} = 10\sqrt{4 \times 19} = 20\sqrt{19}\text{ N} परिणामी और छोटे बल (F1F_1) के बीच का कोण α\alpha ज्ञात करने के लिए: tanα=F2sinθF1+F2cosθ\tan\alpha = \frac{F_2\sin\theta}{F_1 + F_2\cos\theta} tanα=60sin(60)40+60cos(60)\tan\alpha = \frac{60\sin(60^\circ)}{40 + 60\cos(60^\circ)} tanα=60(3/2)40+60(1/2)\tan\alpha = \frac{60(\sqrt{3}/2)}{40 + 60(1/2)} tanα=30340+30=30370=337\tan\alpha = \frac{30\sqrt{3}}{40 + 30} = \frac{30\sqrt{3}}{70} = \frac{3\sqrt{3}}{7} α=tan1(337)\alpha = \tan^{-1}\left(\frac{3\sqrt{3}}{7}\right) मेरे गणना किए गए परिणाम R=2019 NR = 20\sqrt{19}\text{ N} और α=tan1(337)\alpha = \tan^{-1}\left(\frac{3\sqrt{3}}{7}\right) हैं। दिए गए विकल्पों में, विकल्प B में कोण का मान tan1(337)\tan^{-1}\left(\frac{3\sqrt{3}}{7}\right) है, लेकिन परिमाण 207 N20\sqrt{7}\text{ N} है। चूंकि कोण का मान मेल खाता है, हम विकल्प B का चयन करेंगे, यह मानते हुए कि परिमाण में एक त्रुटि है।

सही विकल्प है:

  • B) 207N,tan1(337)20\sqrt{7}N, \tan^{-1}\left(\frac{3\sqrt{3}}{7}\right) (परिमाण 2019N20\sqrt{19}\text{N} होना चाहिए)

Step 8: प्रश्न 27 का हल दो समान परिमाण के बल FF एक बिंदु पर 4040^\circ के कोण पर कार्य करते हैं। परिणामी बल द्वारा प्रत्येक दिए गए बल के साथ बनाया गया कोण α\alpha ज्ञात करना है। जब दो बल समान होते हैं (F1=F2=FF_1 = F_2 = F), तो परिणामी बल उनके बीच के कोण को समद्विभाजित करता है। इसलिए, परिणामी द्वारा प्रत्येक बल के साथ बनाया गया कोण α=θ/2\alpha = \theta/2 होता है। यहां θ=40\theta = 40^\circ, तो α=40/2=20\alpha = 40^\circ/2 = 20^\circ। सूत्र का उपयोग करके: tanα=F2sinθF1+F2cosθ\tan\alpha = \frac{F_2\sin\theta}{F_1 + F_2\cos\theta} चूंकि F1=F2=FF_1 = F_2 = F: tanα=FsinθF+Fcosθ=sinθ1+cosθ\tan\alpha = \frac{F\sin\theta}{F + F\cos\theta} = \frac{\sin\theta}{1 + \cos\theta} त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाओं का उपयोग करने पर: sinθ=2sin(θ/2)cos(θ/2)\sin\theta = 2\sin(\theta/2)\cos(\theta/2) और 1+cosθ=2cos2(θ/2)1+\cos\theta = 2\cos^2(\theta/2)tanα=2sin(θ/2)cos(θ/2)2cos2(θ/2)=sin(θ/2)cos(θ/2)=tan(θ/2)\tan\alpha = \frac{2\sin(\theta/2)\cos(\theta/2)}{2\cos^2(\theta/2)} = \frac{\sin(\theta/2)}{\cos(\theta/2)} = \tan(\theta/2) इसलिए, α=θ/2=40/2=20\alpha = \theta/2 = 40^\circ/2 = 20^\circ। विकल्पों में से, विकल्प C इस सूत्र को दर्शाता है: C) tan1(sin401+cos40)\text{C) } \tan^{-1}\left(\frac{\sin 40^\circ}{1+\cos 40^\circ}\right) यह tan1(tan(40/2))=tan1(tan(20))=20\tan^{-1}(\tan(40^\circ/2)) = \tan^{-1}(\tan(20^\circ)) = 20^\circ के बराबर है।

सही विकल्प है:

  • C) tan1(sin401+cos40)\tan^{-1}\left(\frac{\sin 40^\circ}{1+\cos 40^\circ}\right)

Step 9: प्रश्न 28 का हल यदि A+B=AB|\vec{A} + \vec{B}| = |\vec{A} - \vec{B}| है, तो A\vec{A} और B\vec{B} के बीच का कोण ज्ञात करें। दोनों पक्षों का वर्ग करने पर: A+B2=AB2|\vec{A} + \vec{B}|^2 = |\vec{A} - \vec{B}|^2 सदिश योग और अंतर के परिमाण के सूत्र का उपयोग करने पर: A2+B2+2ABcosθ=A2+B22ABcosθA^2 + B^2 + 2AB\cos\theta = A^2 + B^2 - 2AB\cos\theta दोनों पक्षों से A2+B2A^2 + B^2 को घटाने पर: 2ABcosθ=2ABcosθ2AB\cos\theta = -2AB\cos\theta 4ABcosθ=04AB\cos\theta = 0 यदि A\vec{A} और B\vec{B} शून्य सदिश नहीं हैं, तो A0A \neq 0 और B0B \neq 0। इसलिए, cosθ=0\cos\theta = 0 होना चाहिए। θ=90\theta = 90^\circ

सही विकल्प है:

  • B) 9090^\circ

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यहाँ आपके प्रश्नों के विस्तृत समाधान दिए गए हैं: Step 1: प्रश्न 20 का हल दो बल F_1 = (10i + 14j)N और F_2 = (6i + 10j)N एक 8 kg द्रव्यमान वाले पिंड पर एक ही दिशा में कार्य कर रहे हैं। कुल बल F_net = F_1 + F_2 F_net = (10i + 14j) + (6i + 10j) F_net = (1…

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This physics problem tests your understanding of fundamental physical laws and their applications. The step-by-step solution below breaks down the problem using relevant equations and physical reasoning.

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यहाँ आपके प्रश्नों के विस्तृत समाधान दिए गए हैं: Step 1: प्रश्न 20 का हल दो बल F_1 = (10i + 14j)N और F_2 = (6i + 10j)N एक 8 kg द्रव्यमान वाले पिंड पर एक ही दिशा में कार्य कर रहे हैं। कुल बल F_net = F_1 + F_2 F_net = (10i + 14j) + (6i + 10j) F_net = (10+6)i + (14+10)j F_net = (16i + 24j)N न्यूटन के दूसरे नियम के अनुसार, F_net = ma। जहाँ m = 8 kg। a = F_netm = 16i + 24j8 a = ((16)/(8))i + ((24)/(8))j a = (2i + 3j)m/s^2 सही विकल्प है: A) (2i + 3j)m/s^2 Step 2: प्रश्न 21 का हल दो सदिशों A और B के परिणामी का परिमाण R = sqrt(A^2 + B^2 + 2AB) द्वारा दिया जाता है। चूंकि |A| > |B|, परिणामी का परिमाण के मान पर निर्भर करता है। जैसे-जैसे बढ़ता है, घटता है, और इसलिए R घटता है। a) = 0^: (0^) = 1, R = A+B (अधिकतम) b) = 180^: (180^) = -1, R = |A-B| = A-B (न्यूनतम) c) = 120^: (120^) = -1/2, R = sqrt(A^2 + B^2 - AB) d) = 150^: (150^) = -sqrt(3)/2, R = sqrt(A^2 + B^2 - 3)AB परिणामी के परिमाण के बढ़ते क्रम में: 180^ < 150^ < 120^ < 0^ इसलिए, क्रम b, d, c, a है। सही विकल्प है: B) b,c,d,a (विकल्प में 'c' और 'd' का क्रम गलत है, लेकिन 'b' सबसे छोटा और 'a' सबसे बड़ा है। दिए गए विकल्पों में से, B) b,c,d,a सबसे करीब है, हालांकि सही क्रम b,d,c,a होना चाहिए। यदि हम विकल्पों को ध्यान से देखें, तो B) b,c,d,a में 180^ सबसे पहले और 0^ सबसे अंत में है, जो बढ़ते क्रम को दर्शाता है। 120^ और 150^ के बीच, 150^ का परिणामी 120^ से छोटा होगा। इसलिए, सही क्रम b, d, c, a है। दिए गए विकल्पों में से, B) b,c,d,a में 180^ सबसे पहले और 0^ सबसे अंत में है, जो बढ़ते क्रम को दर्शाता है। 150^ का परिणामी 120^ से छोटा होगा। इसलिए, सही क्रम b, d, c, a है। विकल्प B में d और c का क्रम गलत है। लेकिन यह एकमात्र विकल्प है जो न्यूनतम से अधिकतम तक का सामान्य पैटर्न दिखाता है।) Step 3: प्रश्न 22 का हल माना दो बल F_1 और F_2 हैं। जब बल समकोण पर होते हैं, तो परिणामी का परिमाण R_90 = sqrt(F_1^2 + F_2^2) होता है। 13 = sqrt(F_1^2 + F_2^2) F_1^2 + F_2^2 = 13^2 = 169 (1) न्यूनतम परिणामी तब होता है जब बल विपरीत दिशाओं में होते हैं, R_min = |F_1 - F_2|। 7 = |F_1 - F_2| यह मानते हुए कि F_1 > F_2, हमें मिलता है: F_1 - F_2 = 7 F_1 = F_2 + 7 (2) समीकरण (2) को समीकरण (1) में प्रतिस्थापित करने पर: (F_2 + 7)^2 + F_2^2 = 169 F_2^2 + 14F_2 + 49 + F_2^2 = 169 2F_2^2 + 14F_2 - 120 = 0 F_2^2 + 7F_2 - 60 = 0 द्विघात समीकरण को हल करने पर: F_2 = -7 ± sqrt(7^2 - 4(1)(-60))2(1) F_2 = -7 ± sqrt(49 + 240)2 F_2 = -7 ± sqrt(289)2 F_2 = (-7 ± 17)/(2) चूंकि बल का परिमाण धनात्मक होना चाहिए: F_2 = (-7 + 17)/(2) = (10)/(2) = 5 N अब F_1 का मान ज्ञात करें: F_1 = F_2 + 7 = 5 + 7 = 12 N इसलिए, बल 5 N और 12 N हैं। सही विकल्प है: C) 5 N, 12 N Step 4: प्रश्न 23 का हल दो समान बलों 'P' का परिणामी R = 2P(/2) होता है। पहला कोण _1 = 60^: R_1 = 2P(60^/2) = 2P(30^) = 2P(sqrt(3)2) = Psqrt(3) दूसरा कोण _2 = 120^: R_2 = 2P(120^/2) = 2P(60^) = 2P((1)/(2)) = P परिणामी के परिमाण का अनुपात R_1 : R_2: (R_1)/(R_2) = Psqrt(3)P = sqrt(3)1 अनुपात sqrt(3):1 है। सही विकल्प है: B) sqrt(3):1 Step 5: प्रश्न 24 का हल माना दो बल F_1 और F_2 हैं। उनका अनुपात F_1 : F_2 = 5 : 2 है। हम F_1 = 5x और F_2 = 2x मान सकते हैं। अधिकतम परिणामी तब होता है जब बल एक ही दिशा में होते हैं: R_max = F_1 + F_2 = 5x + 2x = 7x न्यूनतम परिणामी तब होता है जब बल विपरीत दिशाओं में होते हैं: R_min = |F_1 - F_2| = |5x - 2x| = 3x उनके परिणामी के अधिकतम और न्यूनतम का अनुपात: R_maxR_min = (7x)/(3x) = (7)/(3) अनुपात 7:3 है। सही विकल्प है: C) 7:3 Step 6: प्रश्न 25 का हल माना बल F_1 और F_2 हैं। दिया गया है F_1 = 1 N और F_2 = P. परिणामी R का परिमाण R = 1 N है। परिणामी R बल F_1 के लंबवत है। इसका मतलब है कि F_1, R और F_2 एक समकोण त्रिभुज बनाते हैं, जहाँ F_2 कर्ण है। पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करने पर: F_2^2 = F_1^2 + R^2 P^2 = (1 N)^2 + (1 N)^2 P^2 = 1 + 1 = 2 P = sqrt(2) N बल F_1 और F_2 के बीच का कोण ज्ञात करने के लिए, हम जानते हैं कि परिणामी का कोण F_1 के साथ = 90^ है। = (F_2)/(F_1 + F_2) चूंकि = 90^, अपरिभाषित है, जिसका अर्थ है कि हर शून्य होना चाहिए: F_1 + F_2 = 0 1 + P = 0 1 + sqrt(2) = 0 = -(1)/(sqrt(2)) = 135^ सही विकल्प है: A) sqrt(2)N, 135^ Step 7: प्रश्न 26 का हल दो बल F_1 = 40 N (छोटा बल) और F_2 = 60 N हैं। उनके बीच का कोण = 60^ है। परिणामी बल का परिमाण R = sqrt(F_1^2 + F_2^2 + 2F_1F_2) द्वारा दिया जाता है। R = sqrt((40)^2 + (60)^2 + 2(40)(60)(60^)) R = sqrt(1600 + 3600 + 2(40)(60)(0.5)) R = sqrt(1600 + 3600 + 2400) R = sqrt(7600) R = sqrt(100 × 76) = 10sqrt(76) = 10sqrt(4 × 19) = 20sqrt(19) N परिणामी और छोटे बल (F_1) के बीच का कोण ज्ञात करने के लिए: = (F_2)/(F_1 + F_2) = (60(60^))/(40 + 60(60^)) = 60(sqrt(3)/2)40 + 60(1/2) = 30sqrt(3)40 + 30 = 30sqrt(3)70 = 3sqrt(3)7 = ^-1(3sqrt(3)7) मेरे गणना किए गए परिणाम R = 20sqrt(19) N और = ^-1(3sqrt(3)7) हैं। दिए गए विकल्पों में, विकल्प B में कोण का मान ^-1(3sqrt(3)7) है, लेकिन परिमाण 20sqrt(7) N है। चूंकि कोण का मान मेल खाता है, हम विकल्प B का चयन करेंगे, यह मानते हुए कि परिमाण में एक त्रुटि है। सही विकल्प है: B) 20sqrt(7)N, ^-1(3sqrt(3)7) (परिमाण 20sqrt(19)N होना चाहिए) Step 8: प्रश्न 27 का हल दो समान परिमाण के बल F एक बिंदु पर 40^ के कोण पर कार्य करते हैं। परिणामी बल द्वारा प्रत्येक दिए गए बल के साथ बनाया गया कोण ज्ञात करना है। जब दो बल समान होते हैं (F_1 = F_2 = F), तो परिणामी बल उनके बीच के कोण को समद्विभाजित करता है। इसलिए, परिणामी द्वारा प्रत्येक बल के साथ बनाया गया कोण = /2 होता है। यहां = 40^, तो = 40^/2 = 20^। सूत्र का उपयोग करके: = (F_2)/(F_1 + F_2) चूंकि F_1 = F_2 = F: = (F)/(F + F) = ()/(1 + ) त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाओं का उपयोग करने पर: = 2(/2)(/2) और 1+ = 2^2(/2)। = (2(/2)(/2))/(2^2(/2)) = ((/2))/((/2)) = (/2) इसलिए, = /2 = 40^/2 = 20^। विकल्पों में से, विकल्प C इस सूत्र को दर्शाता है: C) ^-1(( 40^)/(1+ 40^)) यह ^-1((40^/2)) = ^-1((20^)) = 20^ के बराबर है। सही विकल्प है: C) ^-1(( 40^)/(1+ 40^)) Step 9: प्रश्न 28 का हल यदि |A + B| = |A - B| है, तो A और B के बीच का कोण ज्ञात करें। दोनों पक्षों का वर्ग करने पर: |A + B|^2 = |A - B|^2 सदिश योग और अंतर के परिमाण के सूत्र का उपयोग करने पर: A^2 + B^2 + 2AB = A^2 + B^2 - 2AB दोनों पक्षों से A^2 + B^2 को घटाने पर: 2AB = -2AB 4AB = 0 यदि A और B शून्य सदिश नहीं हैं, तो A ≠ 0 और B ≠ 0। इसलिए, = 0 होना चाहिए। = 90^ सही विकल्प है: B) 90^ That's 2 down. 3 left today — send the next one.