This chemistry question involves key chemical concepts and calculations. The detailed solution below walks through each step, from identifying the reaction type to computing the final answer.

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बेनेडिक्ट परीक्षण का उपयोग रिड्यूसिंग शुगर (जैसे ग्लूकोज, फ्रुक्टोज, माल्टोज) की उपस्थिति का पता लगाने के लिए किया जाता है।
Step 1: बेनेडिक्ट परीक्षण का सिद्धांत बेनेडिक्ट अभिकर्मक में कॉपर(II) सल्फेट होता है, जो नीले रंग का होता है। रिड्यूसिंग शुगर में एक मुक्त एल्डिहाइड या कीटोन समूह होता है जो बेनेडिक्ट अभिकर्मक में कॉपर(II) आयनों () को कॉपर(I) आयनों () में अपचयित कर सकता है। ये कॉपर(I) आयन फिर कॉपर(I) ऑक्साइड () के रूप में अवक्षेपित होते हैं।
Step 2: परिणाम और रंग परिवर्तन • यदि रिड्यूसिंग शुगर मौजूद नहीं है, तो घोल नीला रहता है। • यदि रिड्यूसिंग शुगर मौजूद है, तो घोल का रंग बदल जाता है। शुगर की सांद्रता के आधार पर, रंग हरे से पीले, नारंगी और अंत में ईंट-लाल अवक्षेप में बदल सकता है। • हरा: बहुत कम मात्रा में शुगर। • पीला: मध्यम मात्रा में शुगर। • नारंगी: अधिक मात्रा में शुगर। • ईंट-लाल: बहुत अधिक मात्रा में शुगर।
यह परीक्षण आमतौर पर मूत्र में ग्लूकोज का पता लगाने के लिए मधुमेह के निदान में उपयोग किया जाता है।
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This chemistry question involves key chemical concepts and calculations. The detailed solution below walks through each step, from identifying the reaction type to computing the final answer.