This physics problem tests your understanding of fundamental physical laws and their applications. The step-by-step solution below breaks down the problem using relevant equations and physical reasoning.

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यह चित्र निकट दृष्टि दोष (Myopia) को दर्शाता है।
Step 1: चित्र का विश्लेषण चित्र में दिखाया गया है कि दूर की वस्तु से आने वाली समानांतर प्रकाश किरणें आँख के लेंस से अपवर्तित होने के बाद रेटिना से पहले ही अभिसरित हो जाती हैं, जिससे रेटिना पर स्पष्ट प्रतिबिंब नहीं बन पाता।
Step 2: दोष की पहचान जब दूर की वस्तु का प्रतिबिंब रेटिना के सामने बनता है, तो इस स्थिति को निकट दृष्टि दोष या मायोपिया कहते हैं। इस दोष से पीड़ित व्यक्ति पास की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देख सकता है, लेकिन दूर की वस्तुओं को धुंधला देखता है।
Step 3: कारण और सुधार यह दोष या तो आँख के लेंस की अत्यधिक अभिसारी शक्ति (converging power) के कारण होता है, या नेत्रगोलक के लंबा होने के कारण होता है। इसे ठीक करने के लिए अवतल लेंस (concave lens) का उपयोग किया जाता है, जो प्रकाश किरणों को थोड़ा अपसरित करता है ताकि वे रेटिना पर ठीक से केंद्रित हो सकें।
यह चित्र निकट दृष्टि दोष (Myopia) को दर्शाता है।
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