Q3. A charge Q is enclosed by a Guassian spherical surface of radius R. If the radius is doubled, then the outward electric flux will

Physics
Q3. A charge Q is enclosed by a Guassian spherical surface of radius R. If the radius is doubled, then the outward electric flux will

ScanSolve AI Answer

Answer

(c) Remain the same

Q3. एक आवेश QQ को त्रिज्या RR की एक गाऊसी गोलाकार सतह से घेरा गया है। यदि त्रिज्या दोगुनी कर दी जाती है, तो बाहरी विद्युत फ्लक्स होगा:

Step 1: गाउस के नियम को समझें। गाउस का नियम बताता है कि किसी भी बंद सतह (गाऊसी सतह) से गुजरने वाला कुल विद्युत फ्लक्स उस सतह के भीतर संलग्न कुल विद्युत आवेश के समानुपाती होता है, चाहे सतह का आकार या आकृति कुछ भी हो।

Step 2: विद्युत फ्लक्स के सूत्र को देखें। विद्युत फ्लक्स ΦE=Qenclosedϵ0\Phi_E = \frac{Q_{enclosed}}{\epsilon_0} द्वारा दिया जाता है, जहाँ QenclosedQ_{enclosed} संलग्न आवेश है और ϵ0\epsilon_0 मुक्त स्थान की पारगम्यता है।

Step 3: त्रिज्या के प्रभाव का विश्लेषण करें। सूत्र से पता चलता है कि विद्युत फ्लक्स केवल संलग्न आवेश QQ और ϵ0\epsilon_0 पर निर्भर करता है। यह गाऊसी सतह की त्रिज्या पर निर्भर नहीं करता है। इसलिए, यदि त्रिज्या दोगुनी कर दी जाती है, तो फ्लक्स वही रहेगा।

The final answer is (c)Remainthesame\boxed{(c) Remain the same}

Q4. एक विद्युत द्विध्रुव को एक समान विद्युत क्षेत्र में रखा गया है। द्विध्रुव अनुभव करेगा:

Step 1: एक समान विद्युत क्षेत्र में द्विध्रुव पर लगने वाले बलों का विश्लेषण करें। एक विद्युत द्विध्रुव में दो बराबर और विपरीत आवेश (+q और -q) होते हैं जो एक छोटी दूरी से अलग होते हैं। जब इसे एक समान विद्युत क्षेत्र में रखा जाता है, तो धनात्मक आवेश पर क्षेत्र की दिशा में एक बल (F=qEF = qE) लगता है, और ऋणात्मक आवेश पर क्षेत्र की विपरीत दिशा में एक समान बल (F=qEF = -qE) लगता है।

Step 2: शुद्ध बल और विस्थापन का निर्धारण करें। चूंकि दोनों बल परिमाण में बराबर और दिशा में विपरीत हैं, इसलिए द्विध्रुव पर शुद्ध बल शून्य होता है। इसका मतलब है कि द्विध्रुव में कोई स्थानांतरीय विस्थापन (translational displacement) नहीं होगा।

Step 3: बलाघूर्ण और घूर्णन का निर्धारण करें। हालांकि, ये दो बराबर और विपरीत बल अलग-अलग बिंदुओं पर कार्य करते हैं, जिससे एक बल-युग्म (couple) बनता है। यह बल-युग्म एक बलाघूर्ण (torque) उत्पन्न करता है जो द्विध्रुव को विद्युत क्षेत्र के साथ संरेखित करने की प्रवृत्ति रखता है।

Step 4: निष्कर्ष निकालें। इसलिए, द्विध्रुव एक बलाघूर्ण का अनुभव करेगा जो इसे बिना विस्थापन के घुमाएगा।

The final answer is (c)Atorquewhichwillrotateitwithoutdisplacement\boxed{(c) A torque which will rotate it without displacement}

Q5. परावैद्युत स्थिरांक kk को चित्र (b) और (c) में दिखाए अनुसार डाला गया है। यदि CbC_b और CcC_c चित्र (b) और चित्र (c) में धारिता को दर्शाते हैं, तो:

Step 1: चित्र (a) के लिए धारिता ज्ञात करें। चित्र (a) एक मानक समानांतर प्लेट संधारित्र है जिसमें प्लेटों के बीच हवा/निर्वात है। इसकी धारिता Ca=ϵ0AdC_a = \frac{\epsilon_0 A}{d} है।

Step 2: चित्र (b) के लिए धारिता CbC_b ज्ञात करें। चित्र (b) में, परावैद्युत स्थिरांक kk प्लेटों के बीच की आधी दूरी (d/2d/2) को भरता है। इसे श्रेणी क्रम में जुड़े दो संधारित्रों के रूप में माना जा सकता है: • परावैद्युत के साथ संधारित्र: C1=kϵ0Ad/2=2kϵ0AdC_1 = \frac{k \epsilon_0 A}{d/2} = \frac{2k \epsilon_0 A}{d} • हवा के साथ संधारित्र: C2=ϵ0Ad/2=2ϵ0AdC_2 = \frac{\epsilon_0 A}{d/2} = \frac{2 \epsilon_0 A}{d} कुल धारिता CbC_b के लिए: 1Cb=1C1+1C2=d2kϵ0A+d2ϵ0A=d2ϵ0A(1k+1)=d(1+k)2kϵ0A\frac{1}{C_b} = \frac{1}{C_1} + \frac{1}{C_2} = \frac{d}{2k \epsilon_0 A} + \frac{d}{2 \epsilon_0 A} = \frac{d}{2 \epsilon_0 A} \left( \frac{1}{k} + 1 \right) = \frac{d(1+k)}{2k \epsilon_0 A} Cb=2kϵ0Ad(1+k)=2k1+kCaC_b = \frac{2k \epsilon_0 A}{d(1+k)} = \frac{2k}{1+k} C_a चूंकि k>1k > 1, 2k1+k>1\frac{2k}{1+k} > 1 (क्योंकि 2k>1+k    k>12k > 1+k \implies k > 1)। इसलिए, Cb>CaC_b > C_a

Step 3: चित्र (c) के लिए धारिता CcC_c ज्ञात करें। चित्र (c) में, परावैद्युत स्थिरांक kk प्लेटों के बीच के आधे क्षेत्र (A/2A/2) को भरता है। इसे समानांतर क्रम में जुड़े दो संधारित्रों के रूप में माना जा सकता है: • परावैद्युत के साथ संधारित्र: C1=kϵ0(A/2)d=kϵ0A2dC_1 = \frac{k \epsilon_0 (A/2)}{d} = \frac{k \epsilon_0 A}{2d} • हवा के साथ संधारित्र: C2=ϵ0(A/2)d=ϵ0A2dC_2 = \frac{\epsilon_0 (A/2)}{d} = \frac{\epsilon_0 A}{2d} कुल धारिता CcC_c के लिए: Cc=C1+C2=kϵ0A2d+ϵ0A2d=(k+1)ϵ0A2dC_c = C_1 + C_2 = \frac{k \epsilon_0 A}{2d} + \frac{\epsilon_0 A}{2d} = \frac{(k+1) \epsilon_0 A}{2d} Cc=k+12CaC_c = \frac{k+1}{2} C_a चूंकि k>1k > 1, k+12>1\frac{k+1}{2} > 1 (क्योंकि k+1>2    k>1k+1 > 2 \implies k > 1)। इसलिए, Cc>CaC_c > C_a

Step 4: CbC_b और CcC_c की तुलना करें। हमें 2k1+k\frac{2k}{1+k} और k+12\frac{k+1}{2} की तुलना करनी है। यदि हम (k1)2>0(k-1)^2 > 0 को देखें, जो k1k \neq 1 के लिए सत्य है: k22k+1>0k^2 - 2k + 1 > 0 k2+2k+1>4kk^2 + 2k + 1 > 4k (k+1)2>4k(k+1)^2 > 4k (k+1)22(1+k)>4k2(1+k)\frac{(k+1)^2}{2(1+k)} > \frac{4k}{2(1+k)} k+12>2k1+k\frac{k+1}{2} > \frac{2k}{1+k} इसलिए, Cc>CbC_c > C_b (जब k>1k > 1)।

Step 5: विकल्पों का मूल्यांकन करें। हमारे विश्लेषण से पता चलता है कि Cb>CaC_b > C_a, Cc>CaC_c > C_a, और Cc>CbC_c > C_b। • विकल्प (a) कहता है "Both Cb,Cc>CaC_b, C_c > C_a" (दोनों Cb,Cc>CaC_b, C_c > C_a)। यह सत्य है। • विकल्प (b) कहता है "Cb>CaC_b > C_a while Cc>CbC_c > C_b" (Cb>CaC_b > C_a जबकि Cc>CbC_c > C_b)। यह भी सत्य है और अधिक विशिष्ट जानकारी प्रदान करता है।

चूंकि विकल्प (b) अधिक विस्तृत और सटीक जानकारी प्रदान करता है जो हमारे विश्लेषण से मेल खाती है, हम इसे चुनेंगे।

The final answer is (b)Cb>CawhileCc>Cb\boxed{(b) C_b > C_a while C_c > C_b}

That's 2 down. 3 left today — send the next one.

Was this helpful?

Need help with your own homework?

Get instant step-by-step solutions to any question. Free to start.

Ask Your Question
Handwritten step-by-step solution preview

Handwritten Step-by-Step Solution

Get this as a handwritten image on WhatsApp — like a tutor wrote it for you.

Try on WhatsApp

Still have questions?

Q3. A charge Q is enclosed by a Guassian spherical surface of radius R. If the radius is doubled, then the outward electric flux will
Physics

This physics problem tests your understanding of fundamental physical laws and their applications. The step-by-step solution below breaks down the problem using relevant equations and physical reasoning.

ScanSolve AI Answer
Q3. एक आवेश Q को त्रिज्या R की एक गाऊसी गोलाकार सतह से घेरा गया है। यदि त्रिज्या दोगुनी कर दी जाती है, तो बाहरी विद्युत फ्लक्स होगा: Step 1: गाउस के नियम को समझें। गाउस का नियम बताता है कि किसी भी बंद सतह (गाऊसी सतह) से गुजरने वाला कुल विद्युत फ्लक्स उस सतह के भीतर संलग्न कुल विद्युत आवेश के समानुपाती होता है, चाहे सतह का आकार या आकृति कुछ भी हो। Step 2: विद्युत फ्लक्स के सूत्र को देखें। विद्युत फ्लक्स _E = Q_enclosed_0 द्वारा दिया जाता है, जहाँ Q_enclosed संलग्न आवेश है और _0 मुक्त स्थान की पारगम्यता है। Step 3: त्रिज्या के प्रभाव का विश्लेषण करें। सूत्र से पता चलता है कि विद्युत फ्लक्स केवल संलग्न आवेश Q और _0 पर निर्भर करता है। यह गाऊसी सतह की त्रिज्या पर निर्भर नहीं करता है। इसलिए, यदि त्रिज्या दोगुनी कर दी जाती है, तो फ्लक्स वही रहेगा। The final answer is (c) Remain the same Q4. एक विद्युत द्विध्रुव को एक समान विद्युत क्षेत्र में रखा गया है। द्विध्रुव अनुभव करेगा: Step 1: एक समान विद्युत क्षेत्र में द्विध्रुव पर लगने वाले बलों का विश्लेषण करें। एक विद्युत द्विध्रुव में दो बराबर और विपरीत आवेश (+q और -q) होते हैं जो एक छोटी दूरी से अलग होते हैं। जब इसे एक समान विद्युत क्षेत्र में रखा जाता है, तो धनात्मक आवेश पर क्षेत्र की दिशा में एक बल (F = qE) लगता है, और ऋणात्मक आवेश पर क्षेत्र की विपरीत दिशा में एक समान बल (F = -qE) लगता है। Step 2: शुद्ध बल और विस्थापन का निर्धारण करें। चूंकि दोनों बल परिमाण में बराबर और दिशा में विपरीत हैं, इसलिए द्विध्रुव पर शुद्ध बल शून्य होता है। इसका मतलब है कि द्विध्रुव में कोई स्थानांतरीय विस्थापन (translational displacement) नहीं होगा। Step 3: बलाघूर्ण और घूर्णन का निर्धारण करें। हालांकि, ये दो बराबर और विपरीत बल अलग-अलग बिंदुओं पर कार्य करते हैं, जिससे एक बल-युग्म (couple) बनता है। यह बल-युग्म एक बलाघूर्ण (torque) उत्पन्न करता है जो द्विध्रुव को विद्युत क्षेत्र के साथ संरेखित करने की प्रवृत्ति रखता है। Step 4: निष्कर्ष निकालें। इसलिए, द्विध्रुव एक बलाघूर्ण का अनुभव करेगा जो इसे बिना विस्थापन के घुमाएगा। The final answer is (c) A torque which will rotate it without displacement Q5. परावैद्युत स्थिरांक k को चित्र (b) और (c) में दिखाए अनुसार डाला गया है। यदि C_b और C_c चित्र (b) और चित्र (c) में धारिता को दर्शाते हैं, तो: Step 1: चित्र (a) के लिए धारिता ज्ञात करें। चित्र (a) एक मानक समानांतर प्लेट संधारित्र है जिसमें प्लेटों के बीच हवा/निर्वात है। इसकी धारिता C_a = (_0 A)/(d) है। Step 2: चित्र (b) के लिए धारिता C_b ज्ञात करें। चित्र (b) में, परावैद्युत स्थिरांक k प्लेटों के बीच की आधी दूरी (d/2) को भरता है। इसे श्रेणी क्रम में जुड़े दो संधारित्रों के रूप में माना जा सकता है: • परावैद्युत के साथ संधारित्र: C_1 = (k _0 A)/(d/2) = (2k _0 A)/(d) • हवा के साथ संधारित्र: C_2 = (_0 A)/(d/2) = (2 _0 A)/(d) कुल धारिता C_b के लिए: (1)/(C_b) = (1)/(C_1) + (1)/(C_2) = (d)/(2k _0 A) + (d)/(2 _0 A) = (d)/(2 _0 A) ( (1)/(k) + 1 ) = (d(1+k))/(2k _0 A) C_b = (2k _0 A)/(d(1+k)) = (2k)/(1+k) C_a चूंकि k > 1, (2k)/(1+k) > 1 (क्योंकि 2k > 1+k k > 1)। इसलिए, C_b > C_a। Step 3: चित्र (c) के लिए धारिता C_c ज्ञात करें। चित्र (c) में, परावैद्युत स्थिरांक k प्लेटों के बीच के आधे क्षेत्र (A/2) को भरता है। इसे समानांतर क्रम में जुड़े दो संधारित्रों के रूप में माना जा सकता है: • परावैद्युत के साथ संधारित्र: C_1 = (k _0 (A/2))/(d) = (k _0 A)/(2d) • हवा के साथ संधारित्र: C_2 = (_0 (A/2))/(d) = (_0 A)/(2d) कुल धारिता C_c के लिए: C_c = C_1 + C_2 = (k _0 A)/(2d) + (_0 A)/(2d) = ((k+1) _0 A)/(2d) C_c = (k+1)/(2) C_a चूंकि k > 1, (k+1)/(2) > 1 (क्योंकि k+1 > 2 k > 1)। इसलिए, C_c > C_a। Step 4: C_b और C_c की तुलना करें। हमें (2k)/(1+k) और (k+1)/(2) की तुलना करनी है। यदि हम (k-1)^2 > 0 को देखें, जो k ≠ 1 के लिए सत्य है: k^2 - 2k + 1 > 0 k^2 + 2k + 1 > 4k (k+1)^2 > 4k ((k+1)^2)/(2(1+k)) > (4k)/(2(1+k)) (k+1)/(2) > (2k)/(1+k) इसलिए, C_c > C_b (जब k > 1)। Step 5: विकल्पों का मूल्यांकन करें। हमारे विश्लेषण से पता चलता है कि C_b > C_a, C_c > C_a, और C_c > C_b। • विकल्प (a) कहता है "Both C_b, C_c > C_a" (दोनों C_b, C_c > C_a)। यह सत्य है। • विकल्प (b) कहता है "C_b > C_a while C_c > C_b" (C_b > C_a जबकि C_c > C_b)। यह भी सत्य है और अधिक विशिष्ट जानकारी प्रदान करता है। चूंकि विकल्प (b) अधिक विस्तृत और सटीक जानकारी प्रदान करता है जो हमारे विश्लेषण से मेल खाती है, हम इसे चुनेंगे। The final answer is (b) C_b > C_a while C_c > C_b That's 2 down. 3 left today — send the next one.